सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद एरियर (बकाया राशि) की दूसरी किश्त जारी करने की घोषणा की है। सूत्रों के अनुसार दूसरी किश्त सितंबर में मिलने की संभावना है। इससे सरकारी खजाने पर करीब 17,500 करोड़ रुपये का भार बढ़ेगा। एरियर सितंबर माह की सैलरी में मिलने की उम्मीद है। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन बढ़ोतरी को जनवरी 2006 से लागू किया गया था। इस कारण केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया गया, मगर सरकार ने इसे दो भागों में देने का फैसला किया। नवंबर 2008 में कुल एरियर का 40 पर्सेंट दिया गया था। अब एरियर का बाकी बचा 60 पर्सेंट दिया जाएगा। देश में करीब 38 लाख केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर हैं। इस आंकड़े में सुरक्षाबल शामिल नहीं हैं, वे भी केंद्र सरकार के आधीन आते हैं। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर राशि जारी कर दी गई है। अब इसका ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय और विभाग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की बकाया राशि का आकलन करने के बाद इसे देंगे। ऐसे में एरियर सितंबर माह की सैलरी में ही संभव हो पाएगा। ज्ञापन में कहा गया है कि जिन कर्मचारियों ने 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी जॉइन की है, उनको दूसरी किश्त तभी मिलेगी, जब वे नई पेंशन स्कीम लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह अपने एरियर की दूसरी किश्त को भी साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) में जमा करने की भी छूट रहेगी।
मंगलवार, 25 अगस्त 2009
केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने त्योहारी सीजन का तोहफा दिया है।
सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद एरियर (बकाया राशि) की दूसरी किश्त जारी करने की घोषणा की है। सूत्रों के अनुसार दूसरी किश्त सितंबर में मिलने की संभावना है। इससे सरकारी खजाने पर करीब 17,500 करोड़ रुपये का भार बढ़ेगा। एरियर सितंबर माह की सैलरी में मिलने की उम्मीद है। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन बढ़ोतरी को जनवरी 2006 से लागू किया गया था। इस कारण केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया गया, मगर सरकार ने इसे दो भागों में देने का फैसला किया। नवंबर 2008 में कुल एरियर का 40 पर्सेंट दिया गया था। अब एरियर का बाकी बचा 60 पर्सेंट दिया जाएगा। देश में करीब 38 लाख केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर हैं। इस आंकड़े में सुरक्षाबल शामिल नहीं हैं, वे भी केंद्र सरकार के आधीन आते हैं। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को एरियर राशि जारी कर दी गई है। अब इसका ज्ञापन सभी केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों में भेजा जाएगा। इसके बाद मंत्रालय और विभाग अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की बकाया राशि का आकलन करने के बाद इसे देंगे। ऐसे में एरियर सितंबर माह की सैलरी में ही संभव हो पाएगा। ज्ञापन में कहा गया है कि जिन कर्मचारियों ने 1 जनवरी 2004 के बाद से नौकरी जॉइन की है, उनको दूसरी किश्त तभी मिलेगी, जब वे नई पेंशन स्कीम लेंगे। सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह अपने एरियर की दूसरी किश्त को भी साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) में जमा करने की भी छूट रहेगी।
सोमवार, 17 अगस्त 2009
शुक्रवार, 14 अगस्त 2009
प्रेमचन्द की धनिया अभी भी जिन्दा
शनिवार, 8 अगस्त 2009
गीतकार गुलशन बावरा का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन
'मेरे देश की धरती....' जैसे लोकप्रिय गीतों के रचयिता और जाने माने गीतकार गुलशन बावरा का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया। बाबरा की पड़ोसी मोनिका खन्ना ने बताया- उनकी तबियत कई महीनों से ठीक नहीं थी। शुक्रवार सुबह उन्हें बांद्रा स्थित उनके निवास पर दिल का दौरा पड़ा। उनके परिवार वाले दिल्ली में रहते हैं, जिन्हें सूचना दे दी गई है और वे मुंबई के लिए निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गुलशन बावरा की इच्छा थी कि उनकी देह को दान किया जाए इसलिए अंतिमसंस्कार नहीं होगा। उनकी देह को जेजे अस्पताल ले जाया जाएगा। वर्तमान पाकिस्तान में जन्मे गुलशन बावरा विभाजन के बाद भारत आ गए थे। अपने 42 सालों के फिल्मी सफर में उन्होंने- 'यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिंदगी', 'तेरी कसम', तुम न होते रहेंगी बहारें और जीवन के हर मोड़ पर मिल जाएंगे हमसफर जैसे यादगार गीत लिखे। यारी है ईमान मेरा, यार मेरी जिंदगी... गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। गुलशन के परिवार में उनकी पत्नी हैं।
गुरुवार, 30 जुलाई 2009
राजभाषा से संबंधित और डॉक्टर एक जगह ही पूरी नौकरी करना चाहते है
मंगलवार, 21 जुलाई 2009
सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया के चैन्ने आंचलिक कार्यालय में यूनीकोड पर कार्यशाला
इस कार्यशाला में तमिलनाडू में इस बैंक के अधिकतकर आई टी अधिकारियों ने भाग लिया और कंप्यूटर में हिन्दी को सरल रूप से प्रयोग के अनेकानेक प्रयोग सीखे ।
यूनीकोड पर ई-मेल और ब्लॉग का प्रशिक्षण विशोष रूप से दिया गया जिसको सभी कर्मचा॑रियों और अधिकारियों के सराहा ।
शनिवार, 18 जुलाई 2009
मातृभाषा में शिक्षा देने के समर्थकों को अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के रूप में बड़ा तरफदार मिल गया
बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा देने के समर्थकों को अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के रूप में बड़ा तरफदार मिल गया है। बकौल हिलेरी, अमेरिका में भी इस मुद्दे पर बहस जारी है। हिलेरी जेवियर कॉलिज के स्टूडेंट्स के साथ खास इंटरएक्टिव सेशन में हिस्सा ले रही थीं। उनके साथ टीच इंडिया कैंपेन के ब्रैंड ऐंबैसडर आमिर खान और सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के अरनब गोस्वामी भी थे। इस मौके पर हिलेरी आमिर की तारीफ करने से भी नहीं चूकीं। उन्होंने कहा, आमिर खान यहां हमारे साथ हैं, यह मेरे लिए खुशी की बात है। वह न केवल बॉलिवुड के आइकन हैं बल्कि शिक्षा के जबर्दस्त समर्थक भी हैं। हिलेरी ने कहा, मैं यहां यह देखने आई हूं कि अमेरिका और भारत किस तरह शिक्षा के साझा मुद्दे पर काम कर सकते हैं। शिक्षा सभी अंतरों को पाटकर नए अवसर मुहैया कराती है। शिक्षा हमेशा से मेरे दिल के बहुत नजदीक रही है। शिक्षा के माध्यम पर हिलेरी का कहना था, न्यू यॉर्क सिटी में प्रमुख स्कूल स्पैनिश, चाइनीज, रशियन भाषा के हैं। समाज का बड़ा हिस्सा कहता है कि बच्चों को उन्हीं की भाषा में पढ़ाया जाए। लेकिन दिक्कत यह है कि न्यू यॉर्क सिटी के स्कूलों में एक से अधिक भाषा जानने वाले टीचर ज्यादा नहीं हैं। आमिर का मानना था कि किसी भी बच्चे को उसी भाषा में पढ़ाया जाना चाहिए जिसमें वह और उसका परिवार सुकून महसूस कर सके। इससे वह अपनी संस्कृति से जुड़ा रहेगा। अमेरिका में शिक्षा की चुनौतियों पर हिलेरी की कहना था, अमेरिका में शिक्षा पर काफी पैसा खर्च होता है लेकिन हम उन बच्चों के लिए कुछ नहीं करते जो पीछे रह जाते हैं। वहां बहुत ज्यादा असमानता है। भारत में तकनीकी शिक्षा दुनिया में सबसे बेहतरीन है। शिक्षा में अवसर के मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा। तारे जमीन पर में शिक्षा के व्यापक स्वरूप पर जोर देने वाले आमिर का कहना था, शिक्षा को सबसे ज्यादा अहमियत दी जानी चाहिए। टीचरों को भी ऊंची सैलरी दी जानी चाहिए ताकि इस क्षेत्र में प्रतिभावान लोगों को खींचा जा सके। हिलेरी ने टीच इंडिया और टीच फॉर इंडिया अभियान की तारीफ करते हुए कहा, इससे ऐसा आंदोलन शुरू होगा जो भारत में शिक्षा क्षेत्र में मौजूद गैरबराबरी को खत्म करने के लिए एक पुल का काम करेगा।
