बुधवार, 25 फ़रवरी 2009

राजभाषा के रूप में हिन्दी को दिशा मिलने की क्या संभावना बनती है ।

बडोदरा में राजभाषा विभाग द्वारा दिनांक २८ फरवरी २००९ को एक राजभाषा सम्मेलन का आयोजन महज एक दिखावा है राजभाषा के रूप में हिन्दी को बढावा देने के लिए जो उपाय करने चाहिये उनमें अभी भी बहुत सी कमियां है और उन्हे दूर करने के लिए राजभाषा विभाग के पास कोई भी ठोस उपाय नहीं है । यह स्पष्ट है कि अभी हॉल में हुए सर्वेक्षण के मुताबिक करीब १७० भारतीय भाषाएं विलुप्त हो जांएगी, यह खतरा हमें इस बात का संकेत दे रहा है कि भविष्य में हिन्दी का भी यही हाल हो सकता है ।

भारत सरकार ने राजभाषा विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह इस कार्यकी भरपाई करें , परन्तु ढाक के वही तीन पात , कुछ भी नहीं हो पा रहा है इस सम्मेलन में भी जो कार्यक्रम बनाया गया है वह लीक से हटकर नहीं है अतः हमें इस सम्मेलन से भी कोई आशा की किरण नजर नहीं आती,देखते है कि क्या होता है इस सम्मेलन में , और राजभाषा के रूप में हिन्दी को दिशा मिलने की क्या संभावना बनती है ।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2009

कोंकण रेलवे में ई-मेल पर हिन्दी कार्यशाला तथा विचार गोष्ठी का आयोजन

कोंकण रेलवे में ई-मेल पर हिन्दी कार्यशाला तथा विचार गोष्ठी का आयोजन आज दिनांक २४ फरवरी २००९ को बेलापुर में हुआ । इस कार्यशाला में डॉ राजेन्द्र गुप्ता ने इस तकनीकी विषय पर प्रस्तुतिकरण किया । कार्यशाला में वरिष्ट राजभाषा अधिकारी श्री विश्वमित्र ने संयोजन किया और इस कार्यशाला में इस निगम के श्री नेविल, वरिष्ठ सिस्टम प्रोग्रामर, श्री जे एस श्रीवास्तव, सहायक विद्युत अभियंता, श्री एस वी शेट्टी, वरिष्ठ लोको निरीक्षक, श्री बृजेश पाण्डेय, वरिष्ट लोको निरीक्षक, श्री महामुलकर, राजभाषा सहायक और टाइपिस्ट श्री दुबे ने भाग लिया

मंगलवार, 17 फ़रवरी 2009

बडोदरा में राजभाषा सम्मेलन

28 फरवरी 2009 को बडरोदरा में राजभाषा विभाग द्वारा सम्मेलन आयोजित
राजभाषा विभाग द्वारा एक राजभाषा सम्मेलन का आयोजन बडोदरा में 28 फरवरी 2009 को किया जा रहा है जिसमें वही पुरानी लीक पर कुछ झूटे आंकडो पर आधारित पुरस्कार दिए जाएंगे और राजभाषा कर्मी अपनी पीठ अपने आप थपथपाएंगे । भारत को स्वतंत्र हुए अब 60 साल से भी ज्यादा हो गए है और आज भी राजभाषा विभाग जिन आंकडों के आधार पर पुरस्कार दे रहा है, लगता हे ​कि यह राजभाषा के साथ बेमानी है । इस प्रकार तो हिन्दी कभी भी राजभाषा नहीं हो सकेगी । आज भी यह सत्य है ​कि विभिन्न विभागों में लगे हुए सिस्टम कंप्यूटरों में हिन्दी का समावेश नहीं हो सका है क्या राजभाषा विभाग यह जानने की कोशिश करेगा ​कि सरकारी दफ्तरों में जहां कंप्यूटर प्रणालियां विकसित की गई है, उन्हे डॉटा प्रोसेसिंग, डाटा इनपुट और डाटा आउटपुर (तीनों ) में हिन्दी का समावेश कब तक हो जाएगा । मैं यहां पर रेलवे का ही जिक्र कर रहा हू, जहां पर लगभग 8 प्रकार की कंप्यूटर प्रणालियां है और आज तक एक भी प्रणाली उक्त पैमाने पर खरी नहीं है । यहां तक ​कि पब्लिक रिर्जवेशन सिस्टम में आज भी डाटा केवल अंग्रेजी में भरा जाता है । भले ही, उसका आउटपुट द्विभाषी हो ।
राजभाषा विभाग द्वारा तैनात कार्यान्वयन कर्मचारी/अधिकारी केवल निगमों और ऐसे कार्यालयों का निरीक्षण करते है जहां उन्हे गिफ्ट मिल जाता है , यह जो सम्मेलन हो रहा है उसमें भी तेल कंपनी कुछ कर रही होगी , ऐसा विश्वास किया जा सकता है इन सब बातों की जांच होनी चाहिये ​कि गिफ्ट देकर किसे राजभाषा के नाम पर ट्राफी दी गई । इससे इस विभाग में पारदर्शिता आएगी और आम आदमी में सरकार के प्र​ति विश्वास बढेगा ।

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2009

पुणे एस टी पी आय कार्यालय में ई-मेल पर कार्यशाला,


हिंदी ई-मेल पर कार्यशाला
भारतीय सोफ्ट्वेअर प्रौद्योगिकी पार्क – पुणे में आज दिनांक 14 फरवरी 09 को एक हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें ई-मेल पर हिन्दी के प्रयोग को सिखाचा गया । इस कार्यशाला का उद्धाटन केन्द्र के संयुक्त निदेशक श्रीमती सोनंल जी ने किया और इस कार्यशाला मे प्रथम राजभाषा संबंधी
व्याख्यान केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो के निदेशक डॉ दंगल झाल्टे जी ने किया और इस कार्यशाला में ई-मेल विषय पर व्याख्यान डॉ राजेन्द्र गुप्ता ने दिया ।इस कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रमुख रूप से इस कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी थे । इस कार्यशाला की समीक्षा केन्द्र की संयुक्त निदेशक सौ सोनंल जी ने की ।
श्रीमती सोनंल जी ने केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो के निदेशक डॉ दंगल झाल्टे का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारी पहली कार्यशाला है और हम अपने कार्यालय में हिन्दी का प्रयोग प्रसार कैसे बढा सकते है, इसपर आज हम विचार करेंगे , उन्होने आशा जताई कि आज की कार्यशाला हमारे कर्मचारियों केलिए लाभदायक होगी ।
सभी कर्मचारियों ने आश्वासन दिया कि वे इस तकनीक का प्रयोग अवश्य करेंगे । इस कार्यशाला के आयोजन में श्री निलेश का विशेष योगदान रहा ।

सोमवार, 9 फ़रवरी 2009

संसदीय राजभाषा समिति ने किया कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का निरीक्षण

संसदीय राजभाषा समिति ने किया कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया कानिरीक्षण और जायजा लिया वहां पर हो रहे राजभाषा संबंधी कामकाज का ।
संसदीय राजभाषा समिति ने ९ फरवरी २००९ को नई दिल्ली में कंटेनर कार्पोरेशन आफ इंडिया के कॉपोरेट कार्यालय का निरीक्षण किया जिसमें उन्होने वहां पर हो रहे कामकाज की समीक्षा की ।
यह सर्वविदित है कि किसी भी कार्यालय में राजभाषा नियमों के अनुसार कार्य नहीं हो रहा है जब भी इस प्रकार की समिति कोई निरीक्षण करती है तो कुछ न कुछ कार्य झूटा औरसच्चा मिलाकर दिखा दिया जाता है या उसे पेश किया जाता है ताकि समिति को कोई शक न हो, परन्तु वास्तविकता यह है कि इन कार्यालयों में हिन्दी के नाम पर रोटियां सेकी जा रही है और काम के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है । सभी काम आराम से अंग्रेजी में चलाया जा रहा है, वैबसाइट पर कुछ भी धारा ३(३) में आने वाला कोई भी डाक्यूमैण्ट हिन्दी में नहीं है यह इस कार्यालय की बात नहीं, वरन प्रत्येक कार्यालय का हाल है इस पर कौन ध्यान देगा, राजभषा से संबंध रखने वाला यही सोचता है ।

शनिवार, 7 फ़रवरी 2009

हमारी शिक्षा व्यवस्था पर अंग्रेजी हावी हो गई है।

उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के भाजनता पार्टी छोड़ने और समाजवादी पार्टी से हाथ मिलाने के बाद अब आरएसएस प्रमुख सुदर्शन ने बाबरी मस्जिद गिराने की घटना पर यह कहते हुए सबको चौंका दिया है कि विवादित ढांचा कारसेवकों ने नहीं बल्कि खुद तत्कालीन राज्य सरकार ने गिराया था।

आरएसएस प्रमुख के.एस. सुदर्शन ने शनिवार को यहां स्टेडियम ग्राउंड पर ' प्रकट समारोह ' को संबोधित करते हुए कहा कि ' दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा कारसेवकों ने नहीं बल्कि सरकार ने गिराया था। मैं उस समय वहां मौजूद था। हम लोग वहां एक गैर विवादित स्थान पर निर्माण कार्य करना चाहते थे, लेकिन पीछे से अचानक कुछ सरकारी लोग आए और उन्होंने ढांचा गिरा दिया। '

यहां से लगभग तीन किलोमीटर दूर दुपाड़ा मार्ग स्थित जैन फार्म हाउस पर आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के रविवार से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यकर्ता शिविर में शामिल होने आए सुदर्शन ने अंग्रेजी भाषा पर प्रहार करते हुए कहा कि हम भारतीय अपने दिमाग से अंग्रेजों और अंग्रेजी को नहीं निकाल पा रहे हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था पर अंग्रेजी हावी हो गई है।

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2009

हिन्दी ई-मेल पर कार्यशाला,

हिन्दी ई-मेल पर कार्यशाला
भारतीय सोफ्ट्वेअर प्रौद्योगिकी पार्क – मुंबई में आज दिनांक 7 फरवरी 09 को एक हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें ई-मेल पर हिन्दी के प्रयोग को सिखाचा गया । इस कार्यशाला का उद्घाटन प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती राजश्री शिन्दे ने किया और इस कार्यशाला में व्याख्यान डॉ। राजेन्द्र गुप्ता ने दिया ।इस कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रमुख रूप से इस कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी थे । इस कार्यशाला की समीक्षा सुश्री भावना मीणा ने की तथा सभी कर्मचारियों ने आश्वासन दिया कि वे इस तकनीक का प्रयोग अवश्य करेंगे । इस कार्यशाला के आयोजन में श्री रवि पाटिल का विशेष योगदान रहा ।